May 21, 2021 इश्क ! इश्क ! साहब इश्क तो वह नशा है । जो दारू से भी देर तक चलता है। दारु तो इंसान छुड़ा भी लेता है । पर इश्क तो शादी में भी तब्दील होता है। लेखक :- आकाश राय